Archive For December 25, 2018

इटली का एकीकरण – Unification of Italy

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Contents1 इटली के एकीकरण का प्रथम चरण2 इटली के एकीकरण का द्वितीय चरण3 इटली के एकीकरण का तृतीय चरण4 इटली के एकीकरण का चतुर्थ चरण4.1 इटली के एकीकरण में Camillo Benso, Count of Cavour का योगदान4.2 इटली के एकीकरण में गैरीबाल्डी/Giuseppe Garibaldi का योगदान4.3 इटली के एकीकरण में मेजिनी/Giuseppe Mazzini का योगदान एकीकरण के पूर्व इटली एक “भौगोलिक अभिव्यक्ति” मात्र था. … Read More

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अमेरिका का स्वतंत्रता-संग्राम – American Revolution

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Contents1 American Revolution’s Causes1.1 i) धार्मिक मतभेद1.2 ii) सामाजिक भिन्नता1.3 iii) असंतोषजनक शासन-प्रणाली1.4 iv) जातीय समानता1.5 v) उपनिवेशवासियों का ब्रिटेन के प्रति रुख1.6 vi) स्वायत्त शासन की भावना का विकास1.7 vii) बुद्धिजीवी वर्ग का नेतृत्व1.8 viii) व्यापारिक एवं औद्योगिक प्रतिबंध1.9 ix) सप्तवर्षीय युद्ध के परिणाम1.10 x) तात्कालिक कारण आपको पता ही होगा कि क्रिस्टोफ़र कोलम्बस ने अमेरिका का पता लगाया … Read More

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बोस्टन की चाय-पार्टी की घटना क्या थी?

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ब्रिटिश संसद ने चाय के व्यापार के सम्बन्ध में नया कानून बनाया था. इस कानून के अनुसार ईस्ट इंडिया कंपनी को अमेरिका में चाय भेजने की अनुमति दी गई थी. चाय के व्यापार को बढ़ाने के लिए मूल्य में कमी की गई थी. फलस्वरूप अमेरिकनों को सस्ती चाय मिल जाती थी और ईस्ट इंडिया कंपनी को भी आर्थिक लाभ हो … Read More

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यूरोप का पुनर्जागरण – Renaissance in Europe

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Contents1 यूरोप में पुनर्जागरण के कारण (Causes of Renaissance in Europe)1.1 1. व्यापार तथा नगरों का विकास 1.2 2. पूरब से संपर्क1.3 3. मध्यकालीन पंडितपंथ की परम्परा1.4 4. कागज़ तथा मुद्रण कला का आविष्कार1.5 5. मंगोल साम्राज्य का सांस्कृतिक महत्त्व1.6 6. कुस्तुनतुनिया का पतन1.7 7. प्राचीन साहित्य की खोज1.8 8. मानववादी विचारधारा का प्रभाव1.9 10. सामंतवाद का ह्रास पुनर्जागरण (Renaissance in Europe) … Read More

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प्रथम विश्वयुद्ध [1914-18]

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Contents1 प्रथम विश्वयुद्ध की भूमिका (Background of First World War)2 Causes of World War I2.1 1. उग्र राष्ट्रीयता (Furious Nationality)2.2 2. आर्थिक प्रतिद्वंदिता (Economic Rivalry)2.3 3. साम्राज्यवादी होड़ (Imperialist Competition)2.4 4. सैन्यवाद और शस्त्रीकरण (Militarism and Armament)2.5 5. समाचारपत्रों का झूठा प्रचार (Newspapers’ False Propaganda)2.6 6. फ्रांस की बदले की भावना (France’s Revenge Spirit)2.7 7. अंतर्राष्ट्रीय अराजकता (International Anarchy)2.8 8. … Read More

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इंग्लैंड की गौरवपूर्ण क्रांति -Glorious Revolution 1688

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Contents1 इंग्लैंड की क्रांति संक्षेप में2 1688 ई. की क्रांति के कारण2.1 जेम्स द्वितीय की धार्मिक नीति2.2 फ्रांस के साथ मैत्री सम्बन्ध2.3 टेस्ट एक्ट के प्रति उदासीनाता2.4 निलंबन और विमोचन के अधिकार का प्रयोग2.5 विश्वविद्यालय में हस्तक्षेप 2.6 धार्मिक न्यायालय की स्थापना2.7 स्थायी सेना में वृद्धि2.8 स्कॉटलैंड और आयरलैंड के प्रति नीति 2.9 चुनाव में हस्तक्षेप2.10 सात पादरियों का मुकदमा 2.11 पुत्र का … Read More

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यूरोपियन यूनियन (European Union) का विकास और उसके अंग

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Contents1 परिचय2 यूरोपियन यूनियन का विकास 2.1 पेरिस की संधि(1951)2.2 रोम की संधि(1957)2.3 मास्त्रिच की संधि -19932.4 लिस्बन की संधि – 20093 यूरोपियन यूनियन के अंग4 यूरो जोन (यूरोपीय आर्थिक समुदाय)5 यूरोपीय संघ के अन्य कुछ संगठन6 यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ7 निष्कर्ष परिचय यूरोपियन यूनियन यूरोपीय देशों का राजनैतिक व आर्थिक संगठन है. इसका विकास विभिन्न स्तरों पर हुआ है … Read More

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[विश्व इतिहास] फ्रांस की क्रांति – 1789 French Revolution

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Contents1 फ्रांस की क्रांति (French Revolution): भूमिका 1.1 राजनैतिक कारण1.2 सामजिक कारण1.3 आर्थिक कारण1.4 बौधिक जागरण 1.5 सैनिकों में असंतोष2 फ्रांसीसी क्रांति के परिणाम फ्रांस की क्रांति (French Revolution): भूमिका 18वीं शताब्दी के 70-80 के दशकों में विभिन्न कारणों से राजा और तत्कालीन राजव्यवस्था के प्रति फ्रांस के नागरिकों में विद्रोह की भावना पनप रही थी. यह विरोध धीरे-धीरे तीव्र होता … Read More

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औद्योगिक क्रांति – Industrial Revolution

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Contents1 औद्योगिक क्रांति2 कारण2.1 मध्यम वर्ग का उदय2.2 पूँजी की अधिकता2.3 वस्तुओं की बढ़ती हुई माँग2.4 कृषि-क्रांति का प्रभाव2.5 कुशल कारीगर2.6 कच्चे माल की सुविधा2.7 जनसंख्या में वृद्धि2.8 वनिक संघ का पतन3 परिणाम3.1 आर्थिक परिणाम3.2 सामाजिक परिणाम “क्रांति” शब्द से साधारणतया आकस्मिक उथल-पुथल का बोध होता है. लेकिन औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) के साथ हम वैसी बात नहीं पाते हैं. … Read More

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जर्मनी का एकीकरण – Unification of Germany

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Contents1 1830 ई. की क्रांति2 1848 ई. की क्रांति3 जर्मनी के एकीकरण में बिस्मार्क की भूमिका (Role of Bismarck in Unification of Germany)4 नेपोलियन प्रथम का योगदान5 वियना कांग्रेस के निर्णय के विरुद्ध जर्मनी में प्रतिक्रिया 19वीं सदी के पूर्वार्द्ध में जर्मनी भी इटली की तरह एक “भौगोलिक अभिव्यक्ति” मात्र था. जर्मनी अनेक छोटे-छोटे राज्यों में विभाजित था. इन राज्यों में एकता … Read More

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यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों का भारत में आगमन

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प्राचीन काल से ही भारत का व्यापारिक सम्बन्ध पश्चिमी देशों से था. 1498ई. में Vasco-Da-Gama नामक पुर्तगाली (Portuguese) कालीकट पहुँचा (SSC Grad. 3 2003). 1500 ई. में पुर्तगाली व्यापारियों ने कोचीन में एक कोठी बनायी. 1506 ई. में गोवा नगर पर उन्होंने कब्ज़ा कर लिया. अल्बूकर्क के समय पुर्तगाली शक्ति का काफी विकास हुआ. पुर्तगालियों की बढ़ती हुई शक्ति से बीजापुर, अहमदनगर और कालीकट के शासक … Read More

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साइमन कमीशन

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1927 में वाइसराय लार्ड इरविन ने महात्मा गांधी को दिल्ली बुलाकर यह सूचना दी कि भारत में वैधानिक सुधार लाने के लिए एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिसके लिए एक कमीशन बनाया गया है जिसके अध्यक्ष सर जॉन साइमन होंगे. साइमन कमीशन/Simon Commission की एक मुख्य विशेषता यह थी कि उसके सदस्यों में केवल अँगरेज़ ही अँगरेज़ थे. … Read More

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[भारतीय इतिहास] धर्म तथा समाज सुधार आन्दोलन

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Contents1 ब्रह्म समाज (Brahmo Samaj)2 यंग बंगाल आन्दोलन (Young Bangal Movement)3 प्रार्थना समाज (Prarthana Samaj)4 रामकृष्ण मिशन (Ramkrishna Mission)5 आर्य समाज (Arya Samaj)6 थियोसॉफिकल सोसाइटी (Theosophical Society)7 अन्य धर्मों से जुड़े सुधार आन्दोलन/ Movements related to Other Religions7.1 सिख/Sikh7.2 पारसी/Parsi7.3 मुस्लिम/Muslim7.3.1 अलीगढ़ आन्दोलन/Aligarh Movement7.3.2 वहाबी आन्दोलन/Wahabi Movement7.3.3 देवबंद आन्दोलन/Deoband Movement7.3.4 अन्य प्रमुख मुस्लिम सुधार आन्दोलन8 दक्षिण भारत में सुधार आन्दोलन9 … Read More

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Rowlatt Act (1919) क्या है?

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1918 के नवम्बर मास में यूरोप का पहला महायुद्ध समाप्त हो चुका था. जर्मनी और उसके साथियों को पूरी तरह परास्त करके वह पक्ष जीत गया था , जिसका सबसे बड़ा भागीदार ब्रिटेन था. इस जीत ने भारत के वातावरण को बिल्कुल बदल दिया था. युद्ध के दिनों अँगरेज़ शासकों में जो थोड़ा-बहुत भी विनय का भाव दिखता था, विजय … Read More

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असहयोग आन्दोलन 1920

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प्रथम विश्वयुद्ध (First World War) के बाद महात्मा गाँधी ने भारतीय राजनीति में प्रवेश किया और अब कांग्रेस की बागडोर उनके हाथों में आ गई.  महात्मा गाँधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने एक नयी दिशा ग्रहण कर ली. राजनीति में प्रवेश के पहले महात्मा गाँधी दक्षिण अफ्रीका में सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह का प्रयोग कर चुके थे. उन्होंने विश्वयुद्ध में … Read More

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सविनय अवज्ञा आन्दोलन

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असहयोग आन्दोलन के पश्चात् भी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का संघर्ष चलता रहा और 1930 ई. तक कांग्रेस ने भारत की स्वतंत्रता के लिए सरकार से कई माँगें कीं, लेकिन कांग्रेस की सभी माँगें सरकार द्वारा ठुकरा दी जाती थीं. जनता के मन में यह बात घर कर गई थी कि सरकार को कुछ करने के लिए मजबूर किया ही जाना चाहिए. … Read More

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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) का जन्म

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1857 की क्रांति के पश्चात् भारत में राष्ट्रीयता की भावना का उदय तो अवश्य हुआ लेकिन वह तब तक एक आन्दोलन का रूप नहीं ले सकती थी, जबतक इसका नेतृत्व और संचालन करने के लिए एक संस्था मूर्त रूप में भारतीयों के बीच नहीं स्थापित होती. सौभाग्य से भारतीयों को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) के रूप में ऐसी … Read More

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कैबिनेट मिशन योजना – 16 May, 1946

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द्वितीय विश्वयुद्ध समाप्त हो गया था और इंगलैंड ने पहले आश्वासन दे रखा था कि युद्ध में विजयी होने के बाद वह भारत को स्वशासन का अधिकार दे देगा. इस युद्ध के फलस्वरूप ब्रिटिश सरकार की स्थिति स्वयं दयनीय हो गयी थी और अब भारतीय साम्राज्य पर नियंत्रण रखना सरल नहीं रह गया था. बार-बार पुलिस, सेना, कर्मचारी और श्रमिकों … Read More

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Subhash Chandra Bose के विषय में रोचक जानकारियाँ

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आजादी के लिए संघर्ष के दौरान Subhash Chandra Bose के  नारे  “तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा” ने करोड़ों भारतीयों के दिल में देशभक्ति की आग प्रज्वलित कर दी थी. आज भी ये शब्द आगे बढ़ने और देश के लिए कुछ करने को प्रेरित करते हैं. इस नारे  को जिन्होंने गढ़ा वह Subhash Ji एक सच्चे देशभक्त और सिद्धांतवादी … Read More

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वारेन हेस्टिंग्स, कार्नवालिस, विलियम बेंटिक और लॉर्ड डलहौजी के सुधार

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अंग्रेज़ सर्वप्रथम भारत में व्यापार करने के उद्देश्य से आये, लेकिन यहाँ की बिगड़ती हुई राजनीतिक स्थिति और देशी राज्यों के आपसी फूट का लाभ उठाकर यहाँ बिटिश सत्ता की स्थापना कर ली. अंग्रेजों को सबसे पहले बंगाल में पैर जमाने का मौका मिला और उसके बाद तो वे पूरे भारत में धीरे-धीरे फ़ैल गए. भारत में ब्रिटिश साम्राज्य के … Read More

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आधुनिक भारतीय शिक्षा का विकास

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Contents1 वुड्ज डिस्पैच 1854-Wood Despatch of 18542 हंटर कमीशन 1882- Hunter Education Commission3 हार्टोग कमेटी 1929- The Hartog Committee Report4 सार्जेंट प्लान 1944- Sargent Scheme/Plan/Commission5 विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग [राधाकृष्णन आयोग] 1948-49- ‘Radhakrishnan Commission’6 मुदालियर आयोग [माध्यमिक शिक्षा आयोग] 1952-53 Mudaliar Commission Recommendations7 कोठारी आयोग [राष्ट्रीय शिक्षा आयोग] 1964-66 Kothari Commission Recommendations8 राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1968- National Policy on Education9 शिक्षा कार्यदल 1985- Working group 198510 राष्ट्रीय शिक्षा-नीति … Read More

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