Archive For The “MedievalHistoryHindi” Category

सिख धर्म का संक्षिप्त इतिहास और व्यापक जानकारी

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Contents1 गुरु नानक2 गुरु अंगद3 गुरु अमरदास4 गुरु रामदास5 गुरु अर्जुन 6 गुरु हरगोविंद7 गुरु हरराय और गुरु किशन8 तेग बहादुर9 गुरु गोविन्द सिंह10 सिख धर्म पर प्रहार – काला इतिहास (Black History) सिख धर्म के लोग गुरुनानक देव के अनुयायी हैं. गुरुनानक देव का कालखंड 1469-1539 ई. है. सिख धर्म के लोग मुख्यतया पंजाब में रहते हैं. वे सभी … Read More

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तीनों पानीपत युद्धों का संक्षिप्त विवरण

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आज इस पोस्ट में हम पानीपत की पहली, दूसरी और तीसरी लड़ाई (Panipat First, Second and Third War) की कहानी आपके सामने रखेंगे. इन युद्धों के क्या कारण थे, ये युद्ध किनके बीच हुआ और इन युद्धों के क्या परिणाम निकले, इन सब तथ्यों की चर्चा करेंगे. भारतीय इतिहास में ये तीनों युद्ध बहुत महत्त्वपूर्ण हैं. पेश है आपके सामने … Read More

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अकबर का जीवनकाल और साम्राज्य

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Contents1 अकबर का उत्तर भारत पर विजय2 दक्षिण भारत पर विजय और अकबर की मृत्यु3 अकबर का साम्राज्य4 कुशल प्रशासक5 दीन इलाही अकबर का उत्तर भारत पर विजय अकबर मुग़लवंश का तीसरा बादशाह था. वह अपने पिता हुमायूं की मृत्यु के बाद 1556 ई. में सिंहासन पर बैठा. उस समय उसके अधीन कोई ख़ास इलाका नहीं था. उसी वर्ष पानीपत … Read More

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बेसिन की संधि, 1802 का भारतीय इतिहास में महत्त्व

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अठारहवीं सदी के आते-आते मराठा साम्राज्य की आंतरिक एकता छिन्न-भिन्न हो गयी और विकेंद्रीकरण की शक्ति प्रबल हो गयी थी. जब मराठा संघ ऐसी बुरी स्थिति से गुजर रहा था तो वेलेजली जिया साम्राज्यवादी ईस्ट इंडिया कंपनी का गवर्नर जनरल बनकर आया. उसने आते ही मराठों के ऊपर भी अपना साम्राज्यवादी चक्र चलाना शुरू किया . जब तक नाना फड़नवीस … Read More

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शिवाजी की जीवनी

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Contents1 शिवाजी का बचपन2 शिक्षा3 चरित्र-विकास4 मराठा रक्त5 विवाह6 शिवाजी का मूल्यांकन7 मृत्यु शिवाजी का जन्म शाहजी भोंसले की प्रथम पत्नी जीजाबाई की कोख से 10 अप्रैल, 1627 ई. को शिवनेर के दुर्ग में हुआ था. शिवनेर का दुर्ग पूना से उत्तर जुन्नार नगर के पास था. उनकी जन्म-तिथि के सम्बन्ध में इतिहासकारों के बीच मतभेद है. कई जन्म-तिथियों का … Read More

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सूफी मत – सूफी विचारधारा

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Contents1 सूफी मत की नींव1.1 आइने अकबरी1.2 सूफीवाद की तीन सीढियाँ1.3 फरीदुद्दीन की सात घाटियाँ2 SUFI ORDERS2.1 चिश्ती सिलसिला2.1.1 मुइनुद्दीन चिश्ती2.1.2 निजामुद्दीन औलिया2.2 सुहारवर्दी सिलसिला (Suhrawardiyya)2.3 कादिरी सिलसिला2.4 कुब्रबिया सिलसिला2.5 फिरदौस सिलसिला2.6 नक्शबंदी सिलसिला भारत में आने से पहले सूफी मत ने स्वयं को पूर्ण रूप से विकसित कर लिया था. बारहवीं सदी में भारत में आने से पूर्व तक … Read More

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बक्सर का युद्ध

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Contents1 भूमिका और कारण2 मीरकासिम, शुजाउद्दौला और शाहआलम3 बक्सर का युद्ध4 शुजाउद्दौला और अंग्रेजों की संधि5 परिणाम (Results) आज हम बक्सर के युद्ध (Battle of Buxar) के बारे में चर्चा करेंगे. मैं आज ही अपना पोस्ट देख रहा था तो मैंने पाया कि मैंने मध्यकालीन इतिहास के कई छोटे-छोटे युद्ध के विषय में लिख डाला है पर बक्सर का युद्ध … Read More

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चैतन्य महाप्रभु के विषय में जानकारी

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चैतन्य महाप्रभु (Chaitanya Prabhu) के विषय में आज संक्षिप्त जानकारी (Brief Information), उनकी जीवनी (biography in Hindi) के विषय में हम चर्चा करेंगे. महाप्रभु वैष्णव सम्प्रदाय संतों में सर्वाधिक महान और लोकप्रिय संत थे. चैतन्य महाप्रभु की जीवनी Biography उनका जन्म 18 फरवरी, 1486 ई. को हुआ था. उनके पिता का नाम जगन्नाथ मिश्र और माता का नाम शची देवी था. … Read More

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अमीर खुसरो की रचनाएँ

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Contents1 अमीर खुसरो का झुकाव2 अमीर खुसरो की किताबें2.1 किरान-उस-सादेन2.2 मिफता-उल-फुतूह2.3 खजाइन-उल-फुतूह2.4 आशिका2.5 तुगलकनामा दिल्ली सल्तनतकालीन अन्य लेखकों में अमीर खुसरो का नाम सर्वाधिक उल्लेखनीय है. जबकि सही अर्थों में वह इतिहासकार नहीं था. उनका जन्म 1253 ई. में हुआ था. वह एक ऐसे परिवार में पैदा हुए थे जिसका कई पीढ़ियों से राजदरबार से घनिष्ठ सम्बन्ध था. वह कैकूबाद, … Read More

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मराठों का उत्थान

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Contents1 मराठों के उदय के कारण1.1 प्राकृतिक कारण1.2 महाराष्ट्र में धार्मिक जागृति1.3 युद्ध कला और प्रशासन में प्रशिक्षण1.4 साहित्य और भाषा का योगदान1.5 शिवाजी का व्यक्तित्व1.6 दक्षिण के शिया राज्यों का मुगलों से संघर्ष1.7 दादाजी कोंडदेव का प्रभाव1.8 आध्यात्मिक गुरु रामदास का प्रभाव1.9 पंचायती संस्थाओं का योगदान1.10 मुगलों की निर्बलता महाराष्ट्र में रहने वाले और मराठी बोलने वाले भारतवासी मराठा … Read More

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चौसा का युद्ध – हुमायूँ Vs. शेरशाह 25 जून, 1539

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आज हम चौसा के युद्ध (chausa war in hindi) के विषय में आपसे बात करेंगे. यह युद्ध हुमायूँ और शेरशाह के बीच हुआ था. चलिए देखते हैं इस युद्ध में कौन जीता, कौन हारा, ये युद्ध कब हुआ, क्या कारण (reasons) थे इस युद्ध के और इसके क्या परिणाम (result) सामने आये. चौसा का युद्ध (Chausa War) हमायूँ  का प्रबलतम शत्रु … Read More

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खानवा का युद्ध – Battle of Khanwa 1527 in Hindi

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पानीपत के बाद बाबर द्वारा भारत में लड़े गए युद्धों में सबसे महत्त्वपूर्ण खानवा का युद्ध था. जहाँ पानिपत के युद्ध ने बाबर को दिल्ली और आगरा का शासक बना दिया, वहीं खानवा के युद्ध (Battle of Khanwa) ने बाबर के प्रबलतम शत्रु राणा सांगा का अंत कर बाबर की विजयों को एक स्थायित्व प्रदान किया. खानवा युद्ध के कारण … Read More

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अकबर की Rajput Policy और उसकी समीक्षा

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Contents1 भूमिका2 Akbar’s Rajput Policy 2.1 साँप भी मरे और लाठी भी नहीं टूटे2.2 अकबर – एक कुशल कूटनीतिज्ञ3 अकबर की राजपूत नीति का कार्यान्वयन3.1 आमेर के साथ मैत्री सम्बन्ध3.2 मेड़ता विजय3.3 गोंडवाना विजय4 अकबर की राजपूत नीति की समीक्षा आज के इस पोस्ट में हम अकबर की राजपूत नीति (Rajput Policy/niti) की चर्चा और समीक्षा करेंगे. भूमिका भारतीय समाज … Read More

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घाघरा का युद्ध

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आज हम घाघरा के युद्ध (Battle of Ghaghra in Hindi) के विषय में पढ़ने वाले हैं. यह युद्ध 1529 ई. में बाबर और अफगानों के बीच लड़ा गया था. यह युद्ध पानीपत युद्ध (1526) और खनवा के युद्ध (1527) के ठीक बाद लड़ा गया. घाघरा बिहार में है जिसका नाम बिहार में बहने वाली नदी घाघरा के नाम पर पड़ा … Read More

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मुगल साम्राज्य के पतन के कारण

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Contents1 मुगल साम्राज्य के पतन के कारण – Causes of Decline of Mughal Empire2 उत्तराधिकार के नियम का अभाव3 कमजोर उत्तराधिकारी4 अमीरों की दलबंदी 5 शान्ति और सुरक्षा का अभाव6 विदेशी आक्रमण बाबर द्वारा स्थापित मुग़ल साम्राज्य अकबर, जहाँगीर, शाहजहाँ और औरंगजेब के शासनकाल में मध्याह्न सूर्य की तरह अपनी प्रखर किरणों से भारतीय इतिहास को चकाचौंध कर डाला. परन्तु औरंगजेब … Read More

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प्लासी का युद्ध

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Contents1 सिराजुद्दौला2 सिराजुद्दौला और अंग्रेजों के बीच संघर्ष3 अलीनगर की संधि4 प्लासी का युद्ध5 युद्ध के परिणाम प्लासी का युद्ध (The Battle of Plassey) बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला और ईस्ट इंडिया कंपनी के संघर्ष का परिणाम था. इस युद्ध के अत्यंत महत्त्वपूर्ण तथा स्थाई परिणाम निकले. 1757 ई. में हुआ प्लासी का युद्ध ऐसा युद्ध था जिसने भारत में अंग्रेजों … Read More

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शेरशाह का प्रारम्भिक जीवन

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पानीपत और घाघरा की लड़ाई में विजय प्राप्तकर बाबर ने न केवल एक नए राजवंश की स्थापना की बल्कि अफगान शक्ति किक रीढ़ तोड़ डाली थी. दो बार की पराजय के फलस्वरूप अफगान शक्ति की रीढ़ तोड़ डाली थी. दो बार की पराजय के फलस्वरूप अफगान शक्ति बिखर चुकी थी. अफगान जातिगत स्वभाव के कारण क्रूर था. बचे-खुचे अफगान हताश … Read More

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अकबर की प्रशासनिक, धार्मिक, सैन्य और न्यायिक व्यवस्था

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आज मैं आपको अकबर से related क्या-क्या questions UPSC Prelims या किसी भी General Studies पर based exams में आ सकते हैं, उसकी जिक्र करने वाला हूँ और वह भी point-wise. आशा है आपने Akbar से related मेरा एक पोस्ट पहले भी पढ़ा होगा, नहीं पढ़ा तो इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद यहाँ क्लिक करके पढ़ लें >> Akbar … Read More

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हुमायूँ का प्रारंभिक जीवन और राज्यारोहण

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Contents1 प्रारम्भिक जीवन एवं राज्यारोहण2 व्यावहारिक जीवन3 हुमायूँ की प्रारम्भिक कठिनाइयाँ4 उत्तराधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष4.1 कालिंजर पर आक्रमण 4.2 महमूद लोदी के विरुद्ध संघर्ष4.3 कामरान का विद्रोह4.3.1 चुनार का घेरा5 बाबर के आक्रमण के पूर्व का भारत आपका History Revision में स्वागत है. इस लेख के नीचे Revision Series का लिंक दिया है, आप वहाँ जाकर सारे आर्टिकल्स पढ़ … Read More

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दीन-ए-ईलाही

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दीन-ए-ईलाही (Din-i-Illahi) अथवा तौहीद-ए-ईलाही की स्थापना धार्मिक क्षेत्र में अकबर का सबसे महत्त्वपूर्ण और विवादास्पद कार्य था. इबादतखाना बंद करवाने और महजर की घोषणा के बाद भी अकबर धार्मिक मामलों में अत्यधिक रूचि लेता था. अपने अनुभव, विद्वानों के विचारों से अकबर इस निर्णय पर पहुँचा कि सभी धर्मों का मूल तत्त्व एक ही है. भले ही लोगों के पास … Read More

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भारत में मुगल सत्ता की स्थापना : बाबर के युद्ध

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Contents1 बाबर का प्रारम्भिक जीवन2 काबुल-विजय2.1 पहला आक्रमण2.2 दूसरा आक्रमण2.3 तीसरा आक्रमण2.4 पाँचवा आक्रमण जैसा कि आप जानते होंगे कि आगामी Civil Services परीक्षा 2018 के लिए हम history revision series चला रहे हैं. कल हमलोगों ने संक्षेप में बाबर के आक्रमण के पूर्व भारत की स्थिति कैसी थी, वह पढ़ा (Click here to read). आज हम बाबर के प्रारम्भिक … Read More

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